इलाहाबाद। ज्यादा नहीं एक पखवारे पहले तक बालू के दाम आसमान छू रहे थे। सरकार ने बालू के दाम निर्धारित तो कर दिए थे, बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं मिल रही थी। बालू ठेकेदार मनमानी कर रहे थे तो दुकानदार ज्यादा दाम में बालू बेचने को मजबर थे। ऐसे में जागरण ने में बालू अभियान को और धार दे दी। इसके बाद तो फिर प्रशासन को भी कडी कार्रवाई के लिए बेबस होना पडानतीजा सामने है, बालू पहले के मकाबले लगभग आधे दाम पर मिलने लगी। कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में बालू के दाम और घटेंगेनिर्धारित मूल्य के आसपास पहुंच जाएगा। जनपद में करीब सवा सौ घाटों पर बालू खनन होता है। गंगा- यमुना के साथ टोंस व बेलन नदी से बालू निकासी की जाती है। विभिन्न घाटों से रोज हजारों ट्रक बाल निकाली जाती है। नदियों से बाल निकालने की जिम्मदारी नाविकों व मजदरों की होती है। घाट पर बालू आने के बाद उसका रेट अचानक बढ़ जाता है। इसके पीछे रवन्ने की मनमानी कीमत होती है। सरकार द्वारा बालू बिक्री का रेट निर्धारित कर दिया, पर इसका कोई खास असर बाजार में नजर नहीं आ रहा थाइसको देखते हुए जागरण ने अपनी मुहिम तेज कर दी। खबरों का सिलसिला लगातार चलता रहा, आखिरकार प्रशासन के साथ ही बालू ठेकेदारों को भी |चना पड़ गया। बालू के दाम घटने लगे। वर्तमान समय में पहले के मुकाबले लगभग आधी हो गई है बालू की कीमत । हालांकि अभी सरकार द्वारा निर्धारित रेट तक नहीं पहंच सकी है, पर आने वाले दिनों में ऐसा संभव दिखाई पड़ रहा हैजरूरत है प्रशासन द्वारा थोड़ी कड़ाई की। रवन्ने पर लगाम लगते ही बालू का रेट निर्धारित रेट के बराबर आ जाएगा। 20 दिन पहले - नदी से घाट तक लाने में बालू प्रति सौ फीट 12 से 16 सौ तक पड़ रही थी। इसके बाद इसका रेट अचानक पा रेट अचानक बढ जाता था। यही बाल लोगों के घर पहंचते-पहंचते छह से सात हजार तक पहंच जाती थी। इतना ही नहीं कुछ महीने पहले तो नौ हजार में सौ फीट बालू मिल रही थी। बाल महंगी होने में लोडिंग. अनलोडिंग, किराया व रास्ते में पड़ने वाले बैरियर व पलिस खर्चे भी महत्वपूर्ण भमिका निभाते रहे। वर्तमान समय में नदी से घाट तक लाने में बाल प्रति सौ फीट आठ सौ पड़ रही है। रवन्ने की कीमत भी कम हई है। रास्ते में पड़ने वाली धन उगाही पर भी प्रशासन ने नकेल कसी है। नतीजा सामने है। अब लोगों को सौ फीट बाल तीन से चार हजार रुपये में से मिल रही है। कहीं-कहीं तो यह रेट और कम है। सरकार द्वारा निर्धारितट पति गौ फीट पर तो हजार है। यानी जल्द ही रेट यहां तक पहुंच सकता है। घाटों पर खनन के दौरान वसूला क मामल रुक नहा रह ही अब लालापुर पुलिस द्वारा यमुना घाट पर बालू लदे ट्रका, ट्रैक्टरी स अवध वसूली का मामला सामने से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शिकायत एडाजा आर आया है। शिकायत एडीजी और डीएम तक पहुंची, साथ ही वसूली से संबंधित रिकार्डिग सौंपी गई। मामले पर डीएम सुहास एलवाई जांच बैठा दी है। जांच आइपीएस व साआ बरहना माधव सुकाात तथा अपर जिलाधिकारी वित्त रविशंकर गुप्ता सौंपते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। आरोप है भी है कि जबरन वसूली का विरोध करने पर एसओ लालापुर ने ट्रकों को थाने में खड़ा करा दिया। लालापुर में बालू निकासी के दौरान जबरन वसूली का आरोप लगाकर तमाम लोगों ने डीएम और एडीजी को ज्ञापन सौंपा। लिखित शिकायत और साक्ष्य सीएल गुप्ता एण्ड संस की तरफ से डीएम को सौंपे गएअफसरों से कहा गया कि पट्टा होने के बाद भी लालापुर पुलिस जबरन वसूली कर रही है।
पहले से आधी हो गई बालू की कीमत